असम की तीन युवतियां फर्जी प्रमाणपत्र से बनीं आइटीबीपी कांस्टेबल, 2025

असम की तीन युवतियां फर्जी निवास प्रमाणपत्र लगाकर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आइटीबीपी) में कांस्टेबल बन गईं। बरेली में तैनाती के बाद उनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन होने पर फर्जीवाड़ा खुल गया। सोमवार को आइटीबीपी के दंडपाल ने आरोपित प्रीति यादव, पार्वती कुमारी और रोशनी प्रजापति के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कराई।

कैंट थाने के इंस्पेक्टर राजेश यादव ने बताया कि विवेचना में पता चलेगा कि तीनों युवतियों ने फर्जी निवास प्रमाणपत्र कहां और किस व्यक्ति से बनवाया था। आइटीबीपी के दंडपाल की ओर से एसएसपी अनुराग आर्य को पत्र दिया गया था। उसमें उल्लेखित किया गया कि पिछले वर्ष कर्मचारी चयन आयोग की ओर से कांस्टेबल पद पर भर्तियां की गईं थीं।

असम बरेली स्थित आइटीबीपी की तीसरी वाहिनी में भेजा गया

उसमें असम के कछार जिला निवासी प्रीति यादव, पार्वती कुमारी और रोशनी प्रजापति का चयन हुआ। भर्ती के बाद तीनों को बरेली स्थित आइटीबीपी की तीसरी वाहिनी में भेजा गया। इसके बाद प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान अंदेशा हुआ।

पांच अप्रैल, 2025 को कछार जिले के डीएम को पत्र भेजकर तीनों के निवास प्रमाण पत्र की प्रमाणिकता जांचने का आग्रह किया था। एक महीने बाद वहां से जवाब आया कि उक्त पते पर इस नाम की युवतियां नहीं रहती हैं।

तीनों के स्थायी पते का सत्यापन नहीं होने पर स्पष्ट हो गया कि भर्ती के दौरान फर्जीवाड़ा किया गया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि आइटीबीपी की ओर से जारी पत्र में यह उल्लेखित नहीं किया गया कि आरोपित युवतियों के विरुद्ध आइटीबीपी की ओर से क्या कार्रवाई की गई।

Leave a Reply

Refresh Page OK No thanks