बिहार के गोपालगंज में वर्ष 2021 के चर्चित छात्र हत्या मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी। अदालत ने वीडियो साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अपराध साबित माना।
मामला क्या है?
बिहार के गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र के कोरेया गांव में हुए बहुचर्चित छात्र हत्या मामले में जिला न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने भाकपा माले से जुड़े नेता जितेंद्र पासवान और उनके सहयोगी श्रीराम भगत को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
यह फैसला जिला जज धीरज कुमार मिश्र की अदालत ने सुनाया। अदालत ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अतिरिक्त सजा का प्रावधान
यदि दोषी जुर्माना नहीं भरते हैं तो उन्हें एक वर्ष की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा काटनी होगी।
साथ ही न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा राशि तय करने का निर्देश भी दिया। फैसले के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
घटना कब और कैसे हुई?
यह घटना 2 दिसंबर 2021 की है।
गोपालगंज के कोरेया गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई थी। इसी दौरान लखनऊ में पढ़ाई कर रहे छात्र अटल पांडेय पर हमला किया गया।
हमलावरों ने चाकू से वार कर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद मृतक के चाचा नागेंद्र पांडेय ने कुल 19 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

अदालत ने किन आधारों पर दोषी माना?
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य वीडियो रिकॉर्डिंग रही।
जांच के दौरान सामने आया कि:
- भीड़ को भड़काने का आरोप लगा
- मौके पर मौजूदगी साबित हुई
- घटना में सक्रिय भूमिका के प्रमाण मिले
वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान अदालत के लिए निर्णायक साबित हुए।
फैसले का प्रभाव
इस फैसले को क्षेत्र में लंबे समय से लंबित न्याय के रूप में देखा जा रहा है।
पीड़ित परिवार को अब कानूनी रूप से राहत मिली है, वहीं प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई।

निष्कर्ष
करीब तीन साल पुराने इस मामले में अदालत का फैसला यह दर्शाता है कि डिजिटल साक्ष्य अब न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वीडियो सबूत और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर अदालत ने अपराध साबित मानते हुए कड़ी सजा सुनाई।
यह निर्णय भविष्य में भीड़ हिंसा और आपराधिक घटनाओं के मामलों में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
