बिहार सरकार के सभी महत्वपूर्ण टोल-फ्री नंबरों की पूरी सूची यहाँ देखें। पुलिस, एम्बुलेंस, महिला हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री शिकायत, स्वास्थ्य, बिजली, आपदा प्रबंधन सहित सभी संबंधित विभागों के हेल्पलाइन नंबर – एक ही जगह, आसान भाषा में
यह जानकारी हर बिहारवासी के लिए क्यों ज़रूरी है?
बिहार सरकार के सरकारी टोल-फ्री नंबरों की जानकारी होना केवल सामान्य सूचना नहीं, बल्कि सुरक्षा, अधिकार और समय पर सहायता से जुड़ा विषय है। नीचे दिए गए कारण बताते हैं कि यह जानकारी हर बिहारवासी के लिए क्यों अनिवार्य है—
1. आपात स्थिति में समय ही सबसे कीमती होता है
दुर्घटना, आग, अपराध, बीमारी या प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में
✔ सही नंबर पता होने से तुरंत मदद मिलती है
✔ गलत जगह कॉल करने से कीमती समय बर्बाद नहीं होता
2. पुलिस और प्रशासन तक सीधी पहुँच
सरकारी हेल्पलाइन नंबर आम नागरिक को:
- पुलिस
- जिला प्रशासन
- आपदा प्रबंधन
से सीधे जोड़ते हैं, बिना किसी बिचौलिए के।
3. महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों की सुरक्षा
महिला हेल्पलाइन (181), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) और वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन जैसी सेवाएँ:
- संकट में पड़े लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित होती हैं
- ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में विशेष रूप से उपयोगी हैं
4. सरकारी योजनाओं का सही लाभ लेने के लिए
कई बार लोग:
- योजना के पात्र होते हैं
- लेकिन जानकारी या सहायता के अभाव में लाभ नहीं ले पाते
सरकारी हेल्पलाइन से:
✔ सही मार्गदर्शन मिलता है
✔ शिकायत या समस्या का समाधान होता है

5. भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ आवाज़
मुख्यमंत्री शिकायत हेल्पलाइन (1076) जैसे नंबर:
- सरकारी दफ्तरों की लापरवाही
- रिश्वत
- अनावश्यक देरी
के खिलाफ आम आदमी की आवाज़ हैं।
6. डिजिटल और साइबर अपराध से सुरक्षा
आज के समय में ऑनलाइन ठगी बढ़ रही है।
साइबर अपराध हेल्पलाइन (1930) की जानकारी:
✔ बैंक फ्रॉड
✔ UPI स्कैम
✔ सोशल मीडिया ठगी
से बचाव में मदद करती है।
7. स्वास्थ्य और एम्बुलेंस सेवा में जीवन रक्षक भूमिका
108/102 जैसे नंबर:
- गर्भवती महिलाओं
- गंभीर रोगियों
- सड़क दुर्घटना पीड़ितों
के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकते हैं।
8. ग्रामीण और छोटे शहरों में विशेष रूप से उपयोगी
जहाँ:
- अस्पताल दूर हैं
- पुलिस स्टेशन दूर है
- प्रशासनिक पहुँच सीमित है
वहाँ टोल-फ्री नंबर ही सबसे तेज़ सहारा बनते हैं।
9. हर परिवार के लिए एक सुरक्षा कवच
अगर यह जानकारी:
- घर के सभी सदस्यों को हो
- मोबाइल में सेव हो
- दीवार पर चिपकी हो
तो पूरा परिवार ज्यादा सुरक्षित रहता है।
10. जागरूक नागरिक, मजबूत बिहार
जब नागरिक:
- अपने अधिकार जानते हैं
- सही जगह शिकायत करते हैं
- सिस्टम का उपयोग करते हैं
तो शासन व्यवस्था मजबूत होती है और समाज सुरक्षित बनता है।
नोट: सरकारी हेल्पलाइन नंबर समय-समय पर अपडेट हो सकते हैं। कॉल से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट/सूचना की पुष्टि करना उपयोगी रहता है।
आपातकालीन सेवाएँ (Emergency Services)
1. अखिल भारतीय आपातकालीन नंबर
- 112 – पुलिस, फायर, एम्बुलेंस (ऑल-इन-वन इमरजेंसी)
2. पुलिस
- 100 – पुलिस सहायता (कई जगह 112 से मर्ज)
3. फायर ब्रिगेड
- 101 – अग्निशमन सेवा
4. एम्बुलेंस
- 108 – सरकारी एम्बुलेंस सेवा
- 102 – मातृत्व/शिशु स्वास्थ्य परिवहन (कई जिलों में)
महिला, बाल एवं सामाजिक सुरक्षा
5. महिला हेल्पलाइन
- 181 – बिहार महिला हेल्पलाइन (24×7)
6. चाइल्ड हेल्पलाइन
- 1098 – बच्चों के लिए आपात सहायता
7. वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन
- 14567 – बुजुर्गों के लिए सहायता
8. घरेलू हिंसा सहायता
- 181 / 112 – त्वरित सहायता
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएँ
9. स्वास्थ्य हेल्पलाइन
- 104 – स्वास्थ्य सेवाएँ, जानकारी, परामर्श
10. मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन
- 14416 / 1-800-891-4416 – टेली-मानस (राष्ट्रीय सेवा, बिहार में भी उपलब्ध)

मुख्यमंत्री कार्यालय एवं शिकायत निवारण
11. मुख्यमंत्री शिकायत निवारण
- 1076 – मुख्यमंत्री लोक शिकायत निवारण कार्यक्रम (CM Helpline)
यहाँ आप कर सकते हैं:
✔ सरकारी सेवाओं की शिकायत
✔ भ्रष्टाचार/देरी की सूचना
✔ योजनाओं से जुड़ी समस्याएँ
आपदा प्रबंधन एवं राहत
12. आपदा प्रबंधन
- 1070 – राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष
- 1077 – जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (कई जिलों में)
बिजली, पानी और नगर सेवाएँ
13. बिजली शिकायत
- 1912 – बिजली आपूर्ति/कटौती/मीटर शिकायत
14. शहरी सेवाएँ (नगर निगम/नगर परिषद)
- 155304 / स्थानीय हेल्पलाइन – कचरा, स्ट्रीट लाइट, जलापूर्ति (शहर अनुसार)
खाद्य, गैस और उपभोक्ता सेवाएँ
15. उपभोक्ता हेल्पलाइन
- 1915 / 1800-11-4000 – राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन
16. एलपीजी गैस शिकायत
- 1906 – गैस लीकेज/आपात स्थिति
- 1800-2333-555 – Ujjwala/सामान्य सहायता (कंपनी अनुसार)
परिवहन एवं यात्रा
17. रेलवे पूछताछ
- 139 – ट्रेन स्टेटस, PNR, शिकायत
18. सड़क/हाईवे सहायता
- 1033 – राष्ट्रीय राजमार्ग आपात सहायता
शिक्षा, रोजगार और सामाजिक कल्याण
19. शिक्षा विभाग सहायता
- स्थानीय DEO/हेल्पडेस्क – छात्रवृत्ति, स्कूल संबंधित मुद्दे
20. रोजगार/कौशल
- कौशल विकास हेल्पडेस्क (राज्य/जिला स्तर) – जिला अनुसार नंबर
डिजिटल सेवाएँ और साइबर सुरक्षा
21. साइबर अपराध हेल्पलाइन
- 1930 – ऑनलाइन ठगी/डिजिटल फ्रॉड की शिकायत
ग्रामीण विकास एवं पंचायत सेवाएँ
22. मनरेगा/ग्रामीण योजनाएँ
- राज्य/जिला हेल्पलाइन – जिला कार्यालय के माध्यम से

कैसे करें सही हेल्पलाइन का उपयोग?(प्रैक्टिकल टिप्स)
- कॉल से पहले समस्या स्पष्ट रखें
- तारीख, समय और संदर्भ संख्या नोट करें
- शिकायत दर्ज होने पर फॉलो-अप करें
- डिजिटल/लिखित प्रमाण सुरक्षित रखें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
❓ 1. बिहार सरकार का सबसे ज़रूरी टोल-फ्री नंबर कौन-सा है?
112 बिहार सहित पूरे भारत में सबसे ज़रूरी इमरजेंसी नंबर है। पुलिस, फायर और मेडिकल सहायता के लिए एक ही नंबर पर तुरंत मदद मिलती है।
❓ 2. महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए कौन-सा नंबर है?
महिलाओं की सुरक्षा के लिए 181 और बच्चों की सहायता के लिए 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) सबसे महत्वपूर्ण टोल-फ्री नंबर हैं।
❓ 3. सरकारी योजनाओं या राशन से जुड़ी शिकायत कहाँ करें?
आप 1076 (मुख्यमंत्री शिकायत निवारण योजना) पर कॉल करके किसी भी सरकारी योजना, राशन, पेंशन या सेवा से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
❓ 4. स्वास्थ्य या एंबुलेंस के लिए कौन-सा नंबर डायल करें?
एम्बुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 108 और सामान्य स्वास्थ्य सहायता के लिए 104 नंबर का उपयोग किया जाता है।
❓ 5. भ्रष्टाचार या घूस की शिकायत कैसे करें?
भ्रष्टाचार या सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही की शिकायत 1076 या संबंधित विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर की जा सकती है।
❓ 6. क्या ये सभी टोल-फ्री नंबर मोबाइल से मुफ्त हैं?
हाँ, बिहार सरकार के सभी टोल-फ्री नंबर पूरी तरह मुफ्त हैं और किसी भी मोबाइल नेटवर्क से कॉल किए जा सकते हैं।
❓ 7. ग्रामीण इलाकों में ये नंबर क्यों ज़्यादा ज़रूरी हैं?
ग्रामीण क्षेत्रों में थाना, अस्पताल या दफ्तर दूर होते हैं। ऐसे में टोल-फ्री नंबर सीधे प्रशासन तक पहुँच का सबसे आसान और तेज़ तरीका होते हैं।
❓ 8. क्या शिकायत करने पर पहचान गोपनीय रहती है?
अधिकतर मामलों में शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है, खासकर महिला, बच्चा और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में।
❓ 9. क्या ये नंबर 24×7 काम करते हैं?
हाँ, ज़्यादातर इमरजेंसी और हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे, 7 दिन सक्रिय रहते हैं।
❓ 10. बिहार सरकार के सभी टोल-फ्री नंबरों की आधिकारिक जानकारी कहाँ मिलेगी?
आप बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट bihar.gov.in पर जाकर सभी अपडेटेड हेल्पलाइन नंबर देख सकते हैं।
🔍 निष्कर्ष
अगर आप बिहार में रहते हैं, तो इन टोल-फ्री नंबरों की जानकारी आपकी सुरक्षा, अधिकार और सुविधा के लिए बेहद ज़रूरी है।
इन्हें अपने मोबाइल में सेव करें और ज़रूरत पड़ने पर बिना झिझक उपयोग करें।
निष्कर्ष: सही नंबर = समय पर मदद
बिहार सरकार के टोल-फ्री नंबरों की जानकारी होना सुरक्षा, सुविधा और अधिकार—तीनों के लिए जरूरी है। इस सूची को सेव करके रखें और जरूरत पड़ने पर बिना देरी के सही विभाग से संपर्क करें।
सुझाव:
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