भारत में आतंकवाद: भारत एक ऐसा देश है जहाँ विविधता के साथ-साथ सुरक्षा चुनौतियाँ भी मौजूद हैं। बीते दशकों में देश ने आतंकवाद, उग्रवाद और सीमा पार से आने वाली आतंकी गतिविधियों का दृढ़ता से सामना किया है। लेकिन आज भारत उन देशों में शामिल है जिन्होंने आतंकवाद पर नियंत्रण पाने में संगठित रणनीति और मजबूत सुरक्षा एजेंसियों की मदद से शानदार सफलता पाई है।
इस लेख में हम जानेंगे कि भारत की कौन-कौन सी एजेंसियाँ आतंकवाद के खिलाफ काम कर रही हैं, उनकी भूमिका क्या है और देश ने किन उपलब्धियों को हासिल किया है।
🛡️ 1. भारत में आतंकवाद की पृष्ठभूमि
स्वतंत्रता के बाद से भारत ने कई बार आतंकवाद का सामना किया है —
- पंजाब में खालिस्तान आंदोलन,
- कश्मीर में अलगाववाद,
- उत्तर-पूर्व में उग्रवादी समूह,
- और कई बार सीमा पार से होने वाले हमले।
इन सबके बावजूद भारत ने अपने लोकतंत्र और एकता को मजबूत बनाए रखा।

🧠 2. आतंकवाद विरोधी प्रमुख एजेंसियाँ
🏢 (1) राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)
स्थापना: 2008 मुंबई हमलों के बाद
मुख्य कार्य:
- आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच
- आतंकी फंडिंग की निगरानी
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग
NIA ने कई बड़े मामलों जैसे पुलवामा अटैक, उरी अटैक, ISIS नेटवर्क मामलों में गहन जांच कर अपराधियों को सजा दिलाई।
🕵️♂️ (2) इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB)
स्थापना: 1887 (ब्रिटिश काल से)
मुख्य कार्य:
- देश के अंदर गुप्तचर सूचना एकत्रित करना
- आतंकवादी गतिविधियों की पूर्व जानकारी जुटाना
- अन्य एजेंसियों को सूचना उपलब्ध कराना
IB को देश की “पहली सुरक्षा रेखा” कहा जाता है, क्योंकि यह आतंकी घटनाओं को होने से पहले ही रोकने का काम करती है।
🌐 (3) रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW)
स्थापना: 1968
मुख्य कार्य:
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के हितों की रक्षा
- सीमा पार आतंकी गतिविधियों की जानकारी जुटाना
- विदेशी खुफिया एजेंसियों से सहयोग
RAW भारत की बाहरी सुरक्षा का गुप्त स्तंभ है।

⚔️ (4) नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG)
स्थापना: 1984
मोटो: “सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा”
मुख्य कार्य:
- आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन
- बंधक मुक्ति अभियान
- VVIP सुरक्षा
NSG कमांडो ने 26/11 मुंबई हमलों में असाधारण साहस का प्रदर्शन किया था।
🚔 (5) राज्य पुलिस एवं ATS (Anti-Terrorism Squad)
हर राज्य में अपनी ATS यूनिट होती है, जो स्थानीय स्तर पर आतंकवाद, नकली करेंसी, और आतंकी फंडिंग की जांच करती है।
जैसे — महाराष्ट्र ATS, यूपी ATS, गुजरात ATS इत्यादि।
💪 3. भारत की आतंकवाद के खिलाफ उपलब्धियाँ
✅ (1) आतंकी घटनाओं में कमी
2000 के दशक की तुलना में 2020 के बाद आतंकवादी घटनाओं में 60% से अधिक कमी आई है।
✅ (2) सीमा पर सख्त निगरानी
BSF और सेना के सहयोग से सीमा पर स्मार्ट बाड़, थर्मल कैमरे और ड्रोन निगरानी जैसी तकनीकें लगाई गई हैं।
✅ (3) आतंकी फंडिंग पर रोक
NIA और ED ने मिलकर आतंकवादियों की फंडिंग चैन पर कड़ी निगरानी रखी है, जिससे आतंकी संगठनों की कमर टूटी है।
✅ (4) अंतरराष्ट्रीय सहयोग
भारत अब अमेरिका, फ्रांस, इज़राइल और रूस जैसे देशों के साथ सुरक्षा सूचना साझा करता है, जिससे आतंकवाद से लड़ने की क्षमता और मजबूत हुई है।

🔍 4. तकनीक की भूमिका – स्मार्ट सिक्योरिटी इंडिया
आधुनिक भारत ने आतंकवाद से लड़ने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया है:
- AI आधारित निगरानी सिस्टम
- ड्रोन और सैटेलाइट मॉनिटरिंग
- साइबर इंटेलिजेंस यूनिट
- डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम
इन तकनीकों से न केवल आतंकी गतिविधियों का पता चलता है, बल्कि सोशल मीडिया पर फैलने वाले उग्रवादी प्रोपेगेंडा को भी रोका जाता है।
🌍 5. युवाओं को आतंक के रास्ते से बचाने के प्रयास
सरकार और NGO मिलकर उन युवाओं को मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रहे हैं जो गुमराह होकर गलत रास्ते पर चले गए।
- शिक्षा एवं रोजगार योजनाएँ
- स्पोर्ट्स और ट्रेनिंग प्रोग्राम
- समुदाय आधारित संवाद
इन पहलों ने देश में सामाजिक सद्भाव और शांति को बढ़ावा दिया है।
🕊️ 6. भारत का संदेश – आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता
भारत ने हमेशा यह कहा है कि “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता” और इसे खत्म करने के लिए वैश्विक एकता जरूरी है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कई बार कहा है कि आतंकवाद को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

📣 7. निष्कर्ष – सुरक्षित और सशक्त भारत की ओर
भारत ने आतंकवाद से न केवल लड़ाई लड़ी है, बल्कि उसे काफी हद तक नियंत्रित भी किया है।
आज भारत एक ऐसा देश है जिसने सुरक्षा, विकास और लोकतंत्र — तीनों मोर्चों पर संतुलन बनाए रखा है।
हर भारतीय नागरिक का कर्तव्य है कि वह सतर्क रहे, अफवाहों से दूर रहे और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसी को दे।
“सुरक्षित भारत, सशक्त भारत” – यही हमारा संकल्प है। 🇮🇳
